कम विजिबिलिटी यानी जब सड़क साफ न दिखे, तब ड्राइविंग ज्यादा मुश्किल और जोखिम भरी हो जाती है। ड्राइवर-सेफ्टी गाइडेंस में ऐसी स्थितियों में बारिश, कोहरा, बर्फ, धूप की तेज चमक और रात में ड्राइविंग शामिल हैं।[1] इस गाइड में जानिए कि बारिश, कोहरे, बर्फ, ग्लेयर और अंधेरे में निकलने से पहले गाड़ी कैसे तैयार करें, स्पीड और दूरी कैसे रखें, और कब ड्राइविंग रोक देना बेहतर है।[7]
कम विजिबिलिटी में ड्राइविंग
जब सामने की सड़क ठीक से नहीं दिखती, तो ड्राइविंग का खतरा बढ़ जाता है। कम विजिबिलिटी वाली स्थितियों में बारिश, कोहरा, बर्फ और सूरज की तेज चमक शामिल हैं।[1] बारिश में ड्राइवर की देखने-समझने की क्षमता कम हो सकती है, और रात में यह समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है।[10] कोहरा कभी भी बन सकता है और विजिबिलिटी बहुत तेजी से घट सकती है।[2] सर्दियों का मौसम, खासकर बारिश, बर्फ और कोहरे में, ड्राइविंग को और खतरनाक बना सकता है।[8]
सेफ ड्राइविंग की सस्ती और सबसे असरदार शुरुआत यात्रा शुरू होने से पहले होती है। पूरी प्री-ट्रिप जांच से छोटी-छोटी दिक्कतें सड़क पर खतरा बनने से पहले पकड़ी जा सकती हैं।[7] निकलने से पहले विंडशील्ड वाइपर और ब्लेड, शीशे, लाइट्स, रिफ्लेक्टर, डिफ्रॉस्टर, टायर और ब्रेक जरूर चेक करें।[7] खिड़कियां, लाइट्स और मिरर साफ रखें, क्योंकि गंदी सतहें विजिबिलिटी को काफी कम और विकृत कर देती हैं।[7] मौसम की वजह से देरी हो सकती है, इसलिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें ताकि जल्दी पहुंचने के दबाव में तेज गाड़ी न चलानी पड़े।[7]
बेसिक तैयारी
हेडलाइट्स का सही इस्तेमाल करें, क्योंकि हेडलाइट्स आपको देखने में मदद करती हैं और दूसरों को आपकी गाड़ी दिखाती हैं।[8] Oregon में जब भी विंडशील्ड वाइपर चल रहे हों, लो-बीम हेडलाइट्स जरूरी होती हैं।[8] बारिश और बर्फ सहित ऐसी स्थिति में, जब ड्राइवर 1,000 feet आगे लोगों या गाड़ियों को नहीं देख पा रहे हों, हेडलाइट्स इस्तेमाल करना जरूरी है।[5] कोहरे में लो-बीम हेडलाइट्स चमक यानी ग्लेयर कम करने में मदद करती हैं।[4]
खराब मौसम में क्रूज कंट्रोल बंद रखें ताकि गाड़ी पर आपका सीधा नियंत्रण बना रहे।[7] आगे वाली गाड़ी से दूरी बढ़ाएं, ताकि आपको और आसपास के ड्राइवरों को सुरक्षित प्रतिक्रिया के लिए ज्यादा जगह मिले।[7] इंडिकेटर समय से पहले दें और यह पक्का करें कि सड़क पर बाकी लोग आपको देख रहे हैं।[7] फिसलन से बचने के लिए सामान्य से पहले और हल्के दबाव से ब्रेक लगाएं।[7]
बारिश
बारिश में गिरती बूंदों, हेडलैंप, विंडशील्ड, सड़क और रोड मार्किंग की वजह से देखने और स्थिति समझने की क्षमता प्रभावित होती है।[10] थोड़ी-सी बारिश, बर्फ या बर्फीली परत भी सड़क को फिसलन भरा बना सकती है, और गीले पत्ते भी खतरनाक फिसलन पैदा कर सकते हैं।[9] लंबे सूखे मौसम के बाद बारिश शुरू होने के कम से कम पहले 20 minutes में सड़कें बहुत ज्यादा फिसलन भरी हो सकती हैं, क्योंकि सड़क पर ग्रीस और तेल जमा हो सकता है।[7]
बारिश शुरू होते ही स्पीड कम करें, आगे ज्यादा दूरी रखें और स्टीयरिंग-ब्रेक धीरे व स्मूद रखें, क्योंकि फिसलन वाली सड़क अचानक मोड़ने या तेज ब्रेक लगाने की गुंजाइश कम कर देती है।[7] घिसे हुए टायरों से हाइड्रोप्लेनिंग का खतरा बढ़ता है, इसलिए बारिश से पहले टायर की हालत मायने रखती है।[7] अगर पानी के नीचे की जमीन नहीं दिख रही है, तो कभी भी गहरे या बहते पानी में गाड़ी न चलाएं।[7] तेज तूफान या भारी बारिश में सड़क के किनारे, सड़क पर या ओवरपास के नीचे खड़ी या रुकी गाड़ियों पर खास ध्यान दें।[7]
कोहरा
हाईवे पर कोहरा बेहद खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह अक्सर अचानक मिलता है और विजिबिलिटी तेजी से खराब हो सकती है।[2] कोहरे में ड्राइविंग की सबसे अच्छी सलाह यही है कि अगर बच सकते हैं, तो कोहरे में गाड़ी न चलाएं।[2] अगर कोहरा बन रहा हो, तो सतर्क रहें और स्पीड कम करने के लिए तैयार रहें।[2] यह मानकर न चलें कि कोहरे में घुसने के बाद आगे जाकर कोहरा अपने-आप कम हो जाएगा।[2]
अगर कोहरे में आगे बढ़ना जरूरी हो, तो तेज ग्लेयर बनाने के बजाय लो-बीम का इस्तेमाल करें।[4] कोहरा कॉन्ट्रास्ट कम कर देता है, जिससे चीजें धुंधली और कम साफ दिखती हैं।[10] कम कॉन्ट्रास्ट की वजह से स्पीड और दूरी का अंदाजा भी प्रभावित होता है।[10] अगर कोहरा ड्राइविंग को असुरक्षित बना दे, तो सड़क से हटकर किसी सुरक्षित जगह रुकना बेहतर है।[2]
बर्फ
बर्फ, फ्रीजिंग रेन, कोहरा और बारिश ऐसी अनिश्चित मौसम स्थितियां हैं जो सड़क को फिसलन भरा और विजिबिलिटी को कमजोर बना सकती हैं।[9] सर्दियों का मौसम, खासकर बारिश, बर्फ और कोहरे में, ड्राइविंग को ज्यादा खतरनाक बना सकता है।[8] बर्फीले तूफान में रात के समय लो-बीम हेडलाइट्स बर्फ से होने वाली चमक को कम करने में मदद कर सकती हैं।[4] अगर विंडशील्ड वाइपर चल रहे हैं, तो लाइट ऑन करने से दूसरे लोग आपकी गाड़ी को बेहतर देख पाते हैं।[8]
बर्फ में वही तरीका अपनाएं जो किसी भी फिसलन वाले मौसम में अपनाते हैं: स्पीड कम और दूरी ज्यादा।[7] फिसलने से बचने के लिए सामान्य से पहले और कम जोर से ब्रेक लगाएं।[7] आगे वाली गाड़ी से दूरी बढ़ाएं, क्योंकि अतिरिक्त जगह आपको और दूसरों को सुरक्षित प्रतिक्रिया के लिए ज्यादा समय देती है।[7] बर्फ या किसी भी खराब मौसम में क्रूज कंट्रोल से बचें, ताकि गाड़ी पर आपका सीधा नियंत्रण रहे।[7]
ग्लेयर / तेज चमक
पीक समय में सूरज की तेज चमक भी कम विजिबिलिटी वाली स्थितियों में गिनी जाती है, जो ड्राइवरों के लिए चुनौती बन सकती है।[1] कोहरे में लो-बीम ग्लेयर कम करने में मदद करती है, और बर्फीले तूफान में रात के समय लो-बीम हेडलाइट्स बर्फ की चमक को भी कम कर सकती हैं।[4] साफ खिड़कियां, लाइट्स और मिरर जरूरी हैं, क्योंकि गंदी सतहें विजिबिलिटी को काफी कम और बिगाड़ देती हैं।[7]
कम खर्च में ग्लेयर कंट्रोल का सबसे आसान तरीका है कि महंगे एक्सेसरीज़ पर निर्भर रहने के बजाय निकलने से पहले विंडशील्ड, मिरर और लाइट्स साफ करें।[7] अगर तेज चमक के साथ सड़क भी गीली हो, तो याद रखें कि बारिश विंडशील्ड, हेडलैंप, सड़क की सतह और रोड मार्किंग के जरिए देखने की क्षमता को प्रभावित करती है।[10] स्पीड इतनी ही रखें कि जितना आपको सच में दिख रहा है, उसके हिसाब से आप समय पर प्रतिक्रिया दे सकें।[2]
रात में ड्राइविंग
रात में ड्राइविंग ज्यादा जोखिम भरी होती है, और दिन की तुलना में क्रैश लगभग तीन गुना ज्यादा होते हैं।[8] रात में बारिश खासतौर पर मुश्किल बन जाती है, क्योंकि यह कई तरीकों से ड्राइवर की देखने-समझने की क्षमता कम करती है।[10] हेडलाइट्स आपकी गाड़ी को दूसरों के लिए ज्यादा दिखाई देने योग्य बनाती हैं, और उनका सही इस्तेमाल आपको देखने में मदद करता है।[8]
रात में बारिश, कोहरे या बर्फ में गाड़ी चलाते समय स्पीड कम रखें, आगे ज्यादा दूरी छोड़ें और ब्रेक स्मूद लगाएं।[7] बारिश, बर्फ या अन्य लो-विजिबिलिटी स्थितियों में विजिबिलिटी सीमित हो तो हेडलाइट्स ऑन करें।[5] कोहरे में लो-बीम हेडलाइट्स इस्तेमाल करें, क्योंकि लो-बीम ग्लेयर कम करने में मदद करती है।[4] अगर सुरक्षित आगे बढ़ने लायक सड़क दिखाई नहीं दे रही है, तो कोहरे के लिए सबसे अच्छी सलाह यही है कि ड्राइव न करें।[2]
आम गलतियां
यह मानने की गलती न करें कि कोहरे में घुसने के बाद वह अपने-आप साफ हो जाएगा।[2] खराब मौसम में क्रूज कंट्रोल से बचें, क्योंकि इससे गाड़ी पर आपका सीधा नियंत्रण कम हो जाता है।[7] आगे वाली गाड़ी के बहुत पास न चलें, क्योंकि सुरक्षित प्रतिक्रिया समय के लिए अतिरिक्त दूरी जरूरी होती है।[7] गंदे शीशे और लाइट्स के साथ न निकलें, क्योंकि गंदी सतहें विजिबिलिटी को काफी कम और विकृत कर देती हैं।[7]
फिसलन वाले मौसम में देर से और जोर से ब्रेक लगाने से बचें, क्योंकि पहले और हल्के ब्रेक फिसलने से बचाने में मदद करते हैं।[7] अगर पानी के नीचे की जमीन दिखाई नहीं दे रही है, तो गहरे या बहते पानी से गाड़ी निकालने की कोशिश न करें।[7] घिसे हुए टायरों के साथ यात्रा शुरू न करें, क्योंकि ऐसे टायर हाइड्रोप्लेनिंग का खतरा बढ़ाते हैं।[7] हल्की बारिश को भी बिल्कुल सुरक्षित न समझें, क्योंकि थोड़ी-सी बारिश भी सड़क को फिसलन भरा बना सकती है।[9]
सेफ्टी चेतावनी
अगर बच सकते हैं, तो कोहरे में ड्राइव न करें, क्योंकि कोहरे में ड्राइविंग की सबसे अच्छी सलाह यही है कि ड्राइव न करें।[2] जब कोहरा आगे ड्राइविंग को असुरक्षित बना दे, तो सड़क से हटकर सुरक्षित जगह रुकें।[2] अगर पानी के नीचे की जमीन नहीं दिखती, तो कभी भी गहरे या बहते पानी में गाड़ी न चलाएं।[7] भारी तूफान में सड़क किनारे, सड़क पर या ओवरपास के नीचे खड़ी या रुकी गाड़ियों पर नजर रखें।[7]
निकलने से पहले अपने लिए ज्यादा समय रखें, क्योंकि मौसम की वजह से देरी हो सकती है।[7] वाइपर, मिरर, लाइट्स, रिफ्लेक्टर, डिफ्रॉस्टर, टायर और ब्रेक चेक करने के बाद जरूरत के मुताबिक मरम्मत या एडजस्टमेंट करें।[7] बारिश, बर्फ, कोहरे और अंधेरे में हेडलाइट्स का सही इस्तेमाल करें, क्योंकि हेडलाइट्स आपको देखने और दूसरों को आपको देखने में मदद करती हैं।[8]
कम खर्च में सुरक्षा के उपाय
कम खर्च वाले मेंटेनेंस से शुरुआत करें: यात्रा से पहले खिड़कियां, लाइट्स और मिरर साफ करें।[7] बारिश या कोहरे में ड्राइव करने से पहले विंडशील्ड वाइपर और ब्लेड जांचें।[7] प्री-ट्रिप चेक में मिरर, लाइट्स, रिफ्लेक्टर, डिफ्रॉस्टर, टायर और ब्रेक जरूर शामिल करें।[7] देरी के लिए अतिरिक्त समय प्लान करें, ताकि सुरक्षा जल्दबाजी पर निर्भर न रहे।[7]
सबसे सस्ता सेफ्टी अपग्रेड आपकी ड्राइविंग तकनीक है: स्पीड कम रखें, आगे दूरी बढ़ाएं, समय से इंडिकेटर दें और पहले व हल्के ब्रेक लगाएं।[7] लो-विजिबिलिटी स्थितियों में हेडलाइट्स ऑन करें ताकि दूसरे लोग आपकी गाड़ी देख सकें।[5] कोहरे और बर्फीली रात में लो-बीम इस्तेमाल करें ताकि ग्लेयर या स्नो ग्लेयर कम हो सके।[4]
चेकलिस्ट
- यात्रा से पहले वाइपर, मिरर, लाइट्स, रिफ्लेक्टर, डिफ्रॉस्टर, टायर और ब्रेक चेक करें।[7]
- ड्राइविंग से पहले खिड़कियां, लाइट्स और मिरर साफ करें।[7]
- मौसम की वजह से होने वाली देरी के लिए अतिरिक्त समय रखें।[7]
- खराब मौसम में क्रूज कंट्रोल बंद रखें।[7]
- बारिश, कोहरे, बर्फ, तेज चमक या अंधेरे में आगे वाली गाड़ी से दूरी बढ़ाएं।[7]
- फिसलन वाली सड़क पर पहले और कम जोर से ब्रेक लगाएं।[7]
- बारिश, बर्फ या लो-विजिबिलिटी स्थितियों में विजिबिलिटी सीमित हो तो हेडलाइट्स इस्तेमाल करें।[5]
- कोहरे में ग्लेयर कम करने के लिए लो-बीम इस्तेमाल करें।[4]
- यह न मानें कि कोहरे में घुसने के बाद वह कम हो जाएगा।[2]
- अगर पानी के नीचे की जमीन नहीं दिख रही है, तो कभी भी गहरे या बहते पानी में गाड़ी न चलाएं।[7]
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